You are currently viewing सूर्य ग्रह को शुभ और बलवान करने के 5 शास्त्रीय उपाय

सूर्य ग्रह को शुभ और बलवान करने के 5 शास्त्रीय उपाय

The current image has no alternative text. The file name is: Gemini_Generated_Image_tj04zwtj04zwtj04.png?wsr

प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल भरकर, उसमें थोड़ा लाल चंदन, अक्षत (चावल) और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

  • विधि: दोनों हाथों से लोटे को सिर के ऊपर रखें और गिरती हुई जल की धारा के मध्य से सूर्य के दर्शन करते हुए जल अर्पित करें। यह नेत्र ज्योति और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

यह स्तोत्र वाल्मीकि रामायण का अत्यंत प्रभावशाली भाग है। भगवान श्री राम ने रावण पर विजय पाने के लिए अगस्त्य मुनि के कहने पर इसका पाठ किया था।

  • विधि: रविवार से प्रारंभ करके नित्य इसका पाठ करने से राजकीय कार्यों में सफलता और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

यदि कुंडली में सूर्य अशुभ फल दे रहा हो या नीच का हो, तो बीज मंत्र का जाप सर्वोत्तम है।

  • मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥
  • विधि: रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन कम से कम १०८ बार इस मंत्र का जाप करें।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ‘पिता’ का कारक है। जो व्यक्ति अपने पिता का अनादर करता है, उसका सूर्य कभी शुभ फल नहीं देता।

  • उपाय: प्रतिदिन अपने पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। इससे सूर्य स्वतः ही सकारात्मक फल देने लगता है।

सूर्य की कृपा के लिए रविवार का व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।

  • विधि: रविवार के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखें। इस दिन केवल एक बार भोजन करें और उसमें नमक का त्याग करें। गेहूं की रोटी या दलिया का सेवन करना श्रेष्ठ है।

Leave a Reply