सनातन धर्म के विरुद्ध षड्यंत्र विफल होगा, सत्य की ही जीत होगी: ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

वाराणसी/प्रयागराज: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल ही में अपने विरुद्ध हो रहे विवादों पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सनातन धर्म को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश करार दिया है। सोमवार को वाराणसी में मीडिया से संवाद करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और कानून का पूरा सम्मान करते हैं।

शंकराचार्य जी ने कहा कि कुछ लोग “छद्म वेश” धारण कर धर्म को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि अधर्म और छल का अंत निश्चित होता है। उन्होंने भावुक होते हुए श्रद्धालुओं से कहा कि किसी भी अफवाह या षड्यंत्र से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौ-रक्षा और हिंदू गौरव के लिए जो संकल्प उन्होंने लिया है, उससे वे पीछे नहीं हटेंगे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज माघ मेले और अन्य विधिक विषयों को लेकर शंकराचार्य चर्चा के केंद्र में रहे हैं। इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, “सच्चाई को दबाया जा सकता है, लेकिन मिटाया नहीं जा सकता। हम जांच में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं क्योंकि हमें देश की न्याय व्यवस्था और ईश्वर पर पूरा भरोसा है।”

काशी के प्रबुद्ध जनों और शिष्यों ने भी इस कठिन समय में उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। धर्म के जानकारों का मानना है कि इस तरह के विवादों से सनातन परंपरा और मठों की गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की जा रही है, जिसका समाज को एकजुट होकर सामना करना चाहिए।

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